Messung der Nachfrageelastizität Hindi | Wirtschaft

In diesem Artikel auf Hindi erfahren Sie mehr über die vier wichtigsten Methoden zur Messung der Elastizität der Nachfrage nach einer Ware.

1. प्प या आनुपाआनुप रीति ( Prozentsatz oder proportionale Methode):

इस इस का प्रतिपादन प्प. फ्फ्स (Flussmittel) ने नेा था। अतः अतः इस को फ्फ्लक की की भी कहते कहते

इस इस के केाअनुस ,

.

जहाजह :

P 1 = पूर्पूर कीमत,

Q 1 = पूर्पूर माम,

P 2 = नवीन कीमत,

Q 2 = नवीन नवीनाम

(चिह्चिह न ्͠याय के केा अन्अन निकानिक के के्प्रयुक होता तथात्मक मकातथ्त मकादश्त ओंाम्त मकामानाना)

किन्किन माम की लोच की्उपर्युक माम त्रुटिपूर्रुटिपूर है है माम ँग लोच का सही मूल्मूलाय करने करने के लिए्आवश यक है किाम और और्जाञ त के ली (Durchschnitt) की सहासहा ली लीाए।

अतः्फ्लक केके्र्र्य्परिवर्मध्मध्मध्त्परिवर्परिवर्मध्मध्मध्मध्त्त्त र यही यही विधि कीमत आनुपाआनुप परिवर्परिवर की गणना में भीाअपन जाज है है

उदाउद द्वावा स्पष्पष:

अर्अरात् माम की की लोचाइक से कम है है

2. Total कुल अथवा व्व रीति (Gesamtaufwand oder Ausgabenmethode):

यह यह माम्शल द्वारा प्पारतिप की गई है है माम्र के अनुसार माँग वक्वक वस्वस की कीाम में विस्विसात अथवास्पेक होता है्परिवर परन्परिवर तु्आवश नहीं्आवश नहीं अनुप एक एक हीाम वक्वक पर कीमत कीमत्परिवर के केास्पेक वस्वस कीाम में कितना परिवर्परिवर होगा, यहीाँग की है

कीमत परिवर में्परिवर के सास्पेक माम में परिवर्परिवर का अर्अर है उपभोक्ता के कुल्व में परिवर्परिवर। दूसरे दूसरे्दों में, हम हम कह हैं माम की की लोच्उपभोका के के्व परिवर्परिवर कीाम है है

कुल व्व = कुल कुल

= वस्वस की की x वस्वस की माम

अर्अराथ् कुल व्व से्अभिपार उस कुल कुलार से होता है है वस्वस कीमत को वस्वस्प्त होती है है

इस द रीति्दारा माम ँग लोच के अंश प्पारक के होते के:

(a) इकाइक के बराबर माम लोच (gleich der Einheitselastizität):

यदि यदि कीमत वृद्वृद या कमी कमी होने भी व्व स्स हैा है माँग बर होती है दूसरे शब्शब दों, कीमत्परिवर के बाब एवं कीमत परिवर्परिवर से पूर्पूर की की व्व राराशिय ँ एकासम होती इकाइक के बराबर बर होती

(b) इकाइक से अधिक माम लोच (Elastizität größer als Einheit):

कीमत कीमत के घटने पर व व बढ़त बढ़त अथव अथव अथव व व व व व लोच लोच इक से से से लोच दूसरे शब्शब में, जब्व परिवर्परिवर तन एवं्व परिवर्परिवर तन दिशा में में चलते से म होती होती

( c) इकाइक से से माम लोच (weniger als Einheitselastizität):

यदि यदि कीमत के घटने व व घटत घटत घटत है अथव कीमत घटत घटत व व लोच लोच लोच इक इक है है दूसरे शब्शब में, जब्व परिवर्परिवर तन एवं्व यय्परिवर तन एक दिशा में लोचाइक ई से कम होती

उदाउद द्वावा स्पष्पष:

(a) इकाइक के केाबर माम लोच:

अर्थाथ् कुल व्व अपरिवर्अपरिवर रहता है, अतः अतः लोचाइक के बराबर है है

(b) इकाइक से से अधिकाम लोच:

(c ) इकाइक से से कमाम लोच:

Dies ist eine 9-minütige Zusammenfassung von:

चित्चित र A में B तक लोच इकाइक से अधिक अधिक्क कीमत कीमत के घटने पर व्व रह रहा कीमत्व यय घटा है

B से C तक लोच लोचाइक के केाबर है क्क कीमत के केा बढ़ने बढ़ने पर्व यय्परिवर नहींा।

C से D तक लोच लोचाइक से कम क्क कीमत कीमत के घटने पर व्व यया है व बढ़ता है है

3. Geometr्जामिति रीति रीतिा बिन्बिन रीति (Geometrische Methode oder Punktmethode):

इस इस रीति्वारा हम हमाम वक्वक से किसी्बिन पर माम ँग लोच ज्जाञ करते करते हैं DD माम वक्वक के बिन्बिन R पर माम की की्जाञ करने करने के्बिन R पर्स्पर रेखा AB खींचीाती है AB का ढाल (Slope) R बिन्बिन पर DD वक्वक ढाढ एकासम है है

हम जाज हैं हैं ,

इस प्रकार बिन्दु रीति द्वारा माँग वक्र के किसी बिन्दु पर लोच ज्ञात करने के लिए उस बिन्दु पर खींची गई स्पर्श रेखा के निचले भाग (अर्थात् बिन्दु से X- अक्ष तक की स्पर्श रेखा द्वारा दूरी) को ऊपर के भाग (अर्थात् बिन्दु से Y- अक्अक ष तक्स्पर रेखा द्दावा दूरी) सेाविभ (Divide) ide्बिन विशेष पराम की की्पार्प की जाज ती

र्चित 10 में बिन्बिन R पर पराम की लोच ज्जाञ करने के लिए्बिन R पर AB स्पर्पर रेखा खींची गयी है है RB निचला भाग (unterer Sektor) तथा RA ऊपरीाभ (oberer Sektor) है है

अतः अतः्बिन R पर पराम की की

इसी्पारक माँग वक्वक के्विभिन बिन्बिन न्बिन पर्स्पर रेखारेख खींच खींच्बिन रीति्दारा माम की की सकती

(Unterschiedliche Punkte auf derselben Nachfragekurve haben unterschiedliche Nachfrageelastizität):

र्चित 11 में एक एक माम वक्वक DD पर P एवं Q दो-अलग बिन्बिन हैं।

स्स्पष है्बिन P दुा बिन्बिन Q पर माँग की की लोच एकाबर बर है अर्थात् एक एक माम वक्वक र अलग-अलग्बिन पर माम की लोच लोच

( Verschiedene Grade der Elastizität der Nachfrage in einer geraden Nachfragekurve):

एक एक रेखा वक वकादु माँग वक्वक पर बिन्बिन दु कीासहा से माम ँच्रेणियाँ प्रदर्रदर की जा सकती सकती हैं

Von 12 bis 24 Stunden vor Abflug

(i) बिन्बिन R पर पराम की कीाइक ई बराबर है क्क बिन्बिन R पर परानीचे राभ (AR) केाबर है (unterer Sektor = oberer Sektor)।

(ii) बिन्बिन A पर माम की की्पूरा लोचदालोचद होगी, क्क बिन्दु A पर परा भाभ शून्शून है (Upper Sector is Zero) ero

(iii) बिन्बिन B पर माम की की्पूरा बेलोच बेलोच, क्क नीचेा भाभ इस्बिन पर्शून है (Unterer Sektor ist Null)।

(iv) RBा RB के्मध प्प्रत बिन्बिन पर माम ँग लोचाइक ई से कम क्क इस रेखा भ किसी कम कम्बिन दु परा भाग ऊपर कमा (unterer Sektor <Upper Sector <

(v) रेखा AR के के्रत्येक बिन्बिन पर माम की की लोचाइक से अधिक अधिक्क येक्बिन दु परा क भ है (Unterer Sektor> Oberer Sektor)

उपर्उपर्त विश्विश से स्स्पष है कि एक माम के्विभिन बिन्बिन पर माम की्भिन-भिन्भिन होती है

4. चाच लोच लोच (Bogenelastizitätsmethode):

जब जब परिवर्परिवर केारण माँग की्परिवर हैादश मेंाम परिवर्परिवर तना है जाम ज्करनेाञ करने करने केाप लोच्जाञ का प्प किया जाजा है माम की दशादश में में्परिवर के केाक माम की की लोचा सही मूल्मूलाय करने केाम्ताओं का औसत है्प किया जाता है है दूसरे शब्शब में, चाप प्रणाली द्दारा नयी नयी्पार कीमत तथा माँग की की लोचाली लीाती है

इस इस्पारण के अनुसाअनुस :

उदाउद द्वावा स्पष्पष:

तब माम की की लोच सहीा चाच रीति द्वावा निम्निम नलिखित में कीाज:

उक्उक उदाहरण में मेंाँग की की कीा यदि सामाम्न सूत्सूत से कीाज है तब:

किन्किन तु परिवराम च लोच म म दाज प है्क योंकि कीमतपरिवर परिवरपरिवर अतः अतःाम की की सही 3 है है

ऋणाऋण्त चिह्चिह कीमत औराम के के सम्सम्बन को बताता है है इसलिए इसलिएाम की लोच 3 (अर्अराथ् इकाइक से से) है है

 

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