Moderne Rententheorie | Hindi | Land | Wirtschaft

Lesen Sie diesen Artikel auf Hindi, um mehr über die moderne Rententheorie in der Wirtschaft zu erfahren.

लगालग का आधुनिक सिद्धाध्न रिकार्र के लगान सिद्सिदाध्न पर एक सुधासुध है है रिकारिक्डो केार भूमि प्प का निःशुल्निःशुल उपहार है सीमितता सीमितता गुण परान प्पार्प होता है आधुनिक आधुनिक्थशाथश्त्री रिकारिक्र के इस इस पूर्पूर सहमत नहीं नहीं थे उनके अनुसाअनुस भूमि के्अतिरिक लगालग अन्अन उत्पत्पत सास पर उपस्उपस होास की्पेक सास्पेक बेलोच बेलोच

आधुनिक्थशाथश्त्त के्सम भवाअनुस भूमिा प्प केवल केवलाअन पैदा करने्बल कि भूमि्वैकल पिक्प (Alternative Verwendungszwecke) सम्सम सम हैं लगालग के आधुनिक सिद्धाध्न की व्याख्खा करने का श्श प्प. जे. एस. मिल (JS Mill) को कोाजा है्परन इसका विकास जेवन्जेवन, परेटो, माम्र, श्श रॉबिन्रॉबिन आदि ने किया।

इन इन्थशाथश्त्त के केाअनुस आर्आर लगान वह वह आय है्उताप के के सेस सन पपूर

इस इस को हस्हसात्न आय (Überweisungseinkommen) भी भी हैं हैं इस इस्रकार, आधुनिक्अराथश्स्त के अनुसाअनुस वास्स आय एवं्तात्न आय का अन्अन ही लगान है है

संक्संक में ,

लगान = वाव्स आय - हस्हसात्न आय

Miete = tatsächliches Einkommen - Überweisungseinkommen

श्श रीमती्रॉबिन के्तथ यार, ”लगान के्क का वहास आधिक्आधिक जो जो जो किसी विशेषास धन उस उसाम ली्। प।

स्स एवं हेग हेग शब्शब में, ”लगालग वह भुगताभुगत है जो्हसात्न आय से होता है है”

सिद्सिदान्न का आधार ( Grundlagen der Theorie):

लगालग के आधुनिक आधुनिक्सिदाध्न का आधार साधनों की विशिष्विशिषा ​​(Spezifität der Faktoren) है है वॉन वॉन (Von Wieser) नामक अर्थशाथश्स्त ने्विशिषा ​​केाआध पर्पत्पत के साधनों का वर्वर दो हैागों मेंा है

जो निम्निम है:

(i) पूर्णतया विशिष्विशिष साधन (perfekt spezifische Faktoren),

ii) पूर्पूरा अविशिष्अविशिष साधन (vollkommen unspezifische Faktoren) |

जो जोास केवला ज्प में रयोगालग जा सकते्पिक प्प रयोगा उन्उन पूर्पूरा विशिष्विशिष साधन धना जाता है है

इसके इसके, विपरीत वैकल्वैकल प्प वाले उत्पत्पत के साधनों को्पूरा अविशिष्अविशिष साधन कहा जाता है है पूर्पूरा अविशिष्अविशिष सास पूर्पूरा गतिशील होते हैं हैं

वाव्तविकता में उत्पत्पत का कोई भीास न न पूर्पूर विशिष्ट होता है और और ही्पूर अविशिष्ट। उत्उत्ति माम में विशिष्विशिषा ​​एवं अविशिष्अविशिषा ​​दोनों प्रकारक के गुण विद्विदायम होते हैं हैं कोई सास किसी किसी समय विशेष विशिष्विशिष हो सकता है हैा वहीास धन समय समय्अविशिष टा है है

उदाउद के के, लिए एक-खण्खण जिसमें जिसमें की फसल खड़ी, गेहूँ प्प ट्योंकि उसक्उपलब योंकि्योंकि णतय्वैकल प्रयोग उपलब्उपलब नहीं्नहीं नहीं्रयोग रयोग्रयोग रयोग्खण खण खण्ज -्खण को अब अब्वैकल प्प में में्प्रयुक किया जा हैा है है

आधुनिक अर्थशास्स्त के अनुसार सास की विशिष्टता लगालग उत्पन्पन करती है है एक सास में विशिष्विशिषा ​​का जितना अधिक अधिका उतना ही हीान उत्उत्पन होगा।

 

Lassen Sie Ihren Kommentar